गांव के अल्प प्रवास के बाद लखनऊ वापसी के लिए ट्रेन पकड़ने मुजफ्फरपुर पहुंचा तो हर तरफ नौजवान ही नौजवान नजर आ रहे थे।
कल यहां सेना भर्ती रैली है। अलग-अलग गांवों-कस्बों-शहरों से आए युवा स्टेशन से लेकर प्लेटफॉर्म और फुट ओवरब्रिज तक पर झुंड में बैठे कल की रैली की तैयारी में मशगूल दिखे। वहीं कई युवा घर से लाए हुए मां के हाथों बने व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे थे। कई लड़के किताब में भी सिर खपाए हुए थे।
ऐसे में बरबस ही मेरी नजर फुट ओवरब्रिज की सीढ़ी पर बैठे इस नौजवान पर पड़ी। हाथ में कलम लिए हुए यह सामने रखी किताब में नजरें गड़ाए बड़ा ही तल्लीन था। ...न जाने किन हालात ने इसे ऐसी दशा में पहुंचा दिया।
Wednesday, December 25, 2019
कर्मण्येवाधिकारस्ते...
गांव के अल्प प्रवास के बाद लखनऊ वापसी के लिए ट्रेन पकड़ने मुजफ्फरपुर पहुंचा तो हर तरफ नौजवान ही नौजवान नजर आ रहे थे।
कल यहां सेना भर्ती रैली है। अलग-अलग गांवों-कस्बों-शहरों से आए युवा स्टेशन से लेकर प्लेटफॉर्म और फुट ओवरब्रिज तक पर झुंड में बैठे कल की रैली की तैयारी में मशगूल दिखे। वहीं कई युवा घर से लाए हुए मां के हाथों बने व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे थे। कई लड़के किताब में भी सिर खपाए हुए थे।
ऐसे में बरबस ही मेरी नजर फुट ओवरब्रिज की सीढ़ी पर बैठे इस नौजवान पर पड़ी। हाथ में कलम लिए हुए यह सामने रखी किताब में नजरें गड़ाए बड़ा ही तल्लीन था। ...न जाने किन हालात ने इसे ऐसी दशा में पहुंचा दिया।
महिमा जननी-जन्मभूमि की
... तेरी बिंदिया रे
अभिनय के आचार्य का अवसान
... और अब वैशाली का डंका
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